

बलिया।नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हमेशा उम्मीदों, उत्साह और नई आशाओं से भरी होती है। जनपद के दुबहर ब्लॉक के पी एम श्री विद्यालय अमृतपाली ने नए शैक्षणिक वर्ष के पहले दिन एक जीवंत और भावपूर्ण समारोह आयोजित करके इसी भावना का जश्न मनाया।
कार्यक्रम को लेकर स्कूल परिसर अन्य दिनों की अपेक्षा बेहद गुलजार था। लेकिन, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के चेहरे पर उदासी की झलक साफ दिख रही थी।
विद्यालय परिवार की तरफ से आयोजित समारोह में स्थानीय बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, अभिभावक व सामाजिक सरोकार से जुड़े लोग जुटे हुए थे। गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में द्वीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।इसके बाद सभी बच्चों को प्रगति पत्र , कॉपी कलम एवं मेडल देकर एवं सभी कक्षा के मेधावी बच्चो को मोमेंटो, एवं मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व जैसे ही नन्हे-मुन्ने बच्चे विद्यालय आए तो विद्यालय परिवार ने खुले दिल से बाहें पसारे हुए उन सभी का स्वागत किया। स्कूल के गेट पर पहुंचते ही वहां पहले से खड़े शिक्षकों ने उन पर फूलों की वर्षा शुरू कर दी।तिलक से माथा सजाया गया और हाथ जोड़कर “स्वागत है सौ बार तुम्हारा स्वागत है” की गूंज से पूरा स्कूल परिसर गूंज उठा । यह दृश्य सिर्फ एक स्वागत नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पुनर्मिलन था शिक्षकों और छात्रों के बीच।
प्रधानाध्यापिका का प्रेरक उदबोधन रहा आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा उपाध्याय का प्रेरक उद्द्बोधन था । उन्होंने सभी विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया और उनसे जिज्ञासा, दृढ़ता और सहयोग के साथ नए शैक्षणिक वर्ष का स्वागत करने का आग्रह किया। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों को आगे आने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें याद दिलाया कि प्रत्येक दिन सीखने और आगे बढ़ने का एक अवसर है।विद्यालय परिवार की तरफ से आयोजित समारोह में विद्यालय के हर कार्यक्रम/बैठकों में प्रतिभाग करने वाले अभिभावकों को भी मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
संभावनाओं का असीम संसार आपका स्वागत करने को आतुर: पीहू
कार्यक्रम के विदाई सत्र में राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त प्रधानाध्यापिका प्रतिमा उपाध्याय “पीहू’ ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यहां से निकल कर संभावनाओं का असीम संसार आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। आप हमसे दूर नहीं जा रहे हैं, आप विकास के पथ पर अग्रसर हों, विद्यालय का नाम रोशन करें।उन्होंने कहा कि वह दिन महत्वपूर्ण होता है, जिस विद्यालय के प्रांगण में बच्चे अपना बचपन बीता कर आगे अपने भविष्य का वरण करने के लिए जाते हैं व अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं अतः परम पिता से हम सबकी प्रार्थना है कि आप सभी सद्मार्ग को अपनाते हुए बुलन्दियो को छुए। उपस्थित अभिभावकों से मुखातिब प्रधानाध्यापिका ने बच्चों के मोबाइल पर भी निगरानी रखने के लिए कहा।
भाव विभोर बच्चों ने कृतज्ञता के साथ विद्यालय को कहा अलविदा
कार्यक्रम के समापन के बाद कक्षा 5 वी उत्तीर्ण बच्चों ने कृतज्ञता के साथ विद्यालय को अलविदा कहा, मानो वे विद्यालय के प्रति अपने आभारी मन को व्यक्त कर रहे हों, और भविष्य के लिए आशा और उत्साह से भरे हों।अभिभावकों ने शिक्षकों का, बच्चों के प्रति समर्पण भाव, शैक्षिक माहौल, और अपने बच्चों जैसा प्यार देने के कारण विद्यालय परिवार की जमकर तारीफ किया।









